Friday, July 22, 2011
Tuesday, May 24, 2011
अजमल कसाब यु.पि.ऐ का दामाद ,४० करोड़ खर्च !!!!!
यु।पी ऐ सरकार दुवारा बनाये गए अपने दो दामादो अजमल कसाब और अफजल गुरु को अब अखिल भारतीय दामाद बना दिया गया हे |ये केसी और विडम्बना और रास्ट्र का दुर्भाग्य हे की वोटो की सस्ती राजनीती और तुस्टीकर्ण के चकर में उन्ही खूनी भेडियो की सुरक्षा पर भारतीय नागरिको की की गाढी टेक्स की कमाई का अरबो रुपया खर्च किया जा रहा हे ,जिन्होंने भारतीय अस्मिता का बलात्कार खुले आम किया ,सेकड़ो मासूम निर्दोष लोगो को लाइव टेलीविज़न प्रसारण पर कत्ले आम कर दिया गया ?
दोस्तों फिर एक और कंधार कांड होने का इन्तजार किया जा रहा हे ,फिर और इन अखिल भारतीय दामादो को वेसे ही ही छोड़ना पड़ेगा जेसे पहले छोड़ा गया था |विडम्बना तो देखिये तथाकथित भारतीय छद्दम सेकुलरो(सेकुलर यानि या तो अपने बाप का पता नहीं या सभी को अपना बाप मानता हो ) को इस बात से भी पीड़ा हे की लादेन को अमेरिका ने गोली क्यों मारी ?
वो अमेरिका हे वो तथाकथित उन भारतीय छद्दम सेकुलर भड्वो कीतरह नहीं जो वोटो की खातिर अपनी बहिन बेटी का सोदा भी एक रात के लिए गठबंधन बचाने के लिए अगली पार्टी से कर दे |अमेरिका का अपना रास्ट्रीय चरित्र हे ,इजरायल का हे समस्त यूरोपीय देशो का रास्ट्रीय चरित्र हे |भारत के अनेक का नागरिको रास्ट्रीय चरित्र नहीं हे क्यों की ये धरती विभिन्न लूटेरो देशो के आक्रमण कारियों और वर्ण संकरता की प्रयोग भूमी रही हे |
दुर्भाग्य से पिछले 6o सालो से ऐसे ही वर्ण संकर परिवार का इस देश पर राज रहा हे जिस का एक मात्र मकसद इस देश की गद्दी पर बेठ कर येन केन प्रक्रेन इस देश छाती पर मूंग दलना हे ,सत्ता पर पकड़ बनाये रखना हे चाहे इस के लिए देश के टुकड़े करने पड़ जाये |चायना के नागरिको और अपने देश के नागरिको के रास्ट्रीय चरित्र में कोई अंतर नहीं हे लेकिन उस देश का सोभाग्य हे की वंहा सत्ता स्टील कवर वाली मिली हे |और अपने देश का दुर्भाग्य हे की यंहा अधिकतर समय हिन्जदो ने राज किया हे और तो और इंदिरा गाँधी के समय तो देश के लोगो को ही जबरदस्ती नसबंदी दुवारा हिंजड़े बनाने की कुटिल कोशीश की गयी!!
नरेंद्र मोदी ,बाबा रामदेव जेसे मर्द और रीढ़ वाले नेता ही इस देश को सही और मजबूत नेत्र्तव दे सकते हे |वो ही कसाब और अफजल गुरु जेसे खूनी भेडियो को पकड़ने दुसरे दिन ही गोली मरवा कर किस्सा ख़त्म करवाने की हिम्मत rakh सकते हे |ये ही नेता ऐसे हे जो दाउद इब्राहीम और हाफीज सईद जेसे खूनी भगोड़ो को पाकिस्तान में घुस के उनके चीथड़े बिखरवाने की जरूरत कर सकते हे | क्या बीतती उन सुरक्षा कर्मीयो और आम नागरिको के परिवारों पर के जिन्होंने अपने परिजनों को खो दिया और उन्ही के टेक्स के पेसो से ही उनके हत्यारों को बिरयानी खिलाई जा रही हे ?अब मोका हे ऐसे वर्ण संकर और वोटो के घोर लालची नेतावो को सत्ता से उतार फेंको | इनके पिछ्वाड़ो पर पेट्रोल डाल के आग लगा दो @!!
वन्देमातरम
Wednesday, May 18, 2011
बाबा रामदेव जिंदाबाद
सबसे ज्यादा भ्रस्ट और काला धन भारतीय इतिहास के रास्ट्रीय कलंक नेहरु छदम गाँधी परिवार के पास हे (छदम गाँधी इस लिए की जब इंदिरा गाँधी उर्फ़ मेमिनो बेगम को फिरोज गाँधी ने भगा के इंग्लेंड में धर्म परिवर्तन करा के शादी कर ली थी तो नेहरु परिवार में हडकंप मच गया तब तथाकथित शांति अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी ने अपने नाम के आगे गाँधी लगाने को कहा जिस से लोगो को उल्लू बनाया जा सके )|सोनिया का पिता सेकण्ड वर्ल्ड वार में रुस्सियो के हत्त्ते चढ़ गया था ,जान के बदले इसने रसिया खुपिया एजेंसी के.जे.बी के लिए काम करना शुरू किया ,इसी का एक हिस्सा सोनिया गाँधी भी थी |के.जे.बी ने राजीव गाँधी के खाते स्विस बैंको में खुलवाये थे |इन खातो में पार्टी फंड के नाम से पैसा जमा होता था | 1991में राजीव गाँधी की मर्त्य के बाद ये खाते उसके पुत्र राहुल गाँधी के नाम से संचालित हो रहे हे |एस .गुरुमूर्ति के अनुसार इस समय इन खातो में 11.19 अरब डालर यानि 84000 करोड़ रूपये के आस पास हे |भारत की 1 अरब 30 करोड़ जनता एक परिवार की जूती के नोक पर हे 50 सालो से !!!!!!!!!ये चाहे तो गुस्से में आकर लोगो की जबरदस्ती नसबंदी कर सकते हे |ये चाहे तो आपात काल लगा के लाखो लोगो को जेल में ठूंस सकते हे ,ये चाहे तो स्वर्ण मंदिर कांड कर सकते हे ,ये चाहे तो 3000 हजार निर्दोष सिखों को मोत के घाट उतर सकते हे ,ये चाहे तो शाहबानो प्रकर्ण में न्यालय का फेसला ठुकरा कर एक ही देश में दो तरह के कानून चला सकते हे ,ये चाहे तो हिंदुवो को आतंकी घोषित कर सकते हे उनकी आस्था के प्रतीक चिन्ह भगवा को आतंकियों का निशान बता सकते हे |ये चाहे तो कश्मीर को सारे भारत की छाती पर मूंग दलवा सकते हे ,ये चाहे तो जन जन के अराध्य भगवान राम के अस्तिव को नकारने वाला दावा कोर्ट में पेश कर सकते और राम सेतु को तुडवा सकते हे ,ये चाहे तो अजमल कसाब और अफजल गुरु अखिल भारतीय दामाद बना सकते हे ,ये चाहे तो बंगलादेशियो समस्त भारत के समन्धि बना सकते हे ,ये चाहे तो भारत की 70% जनता महंगाई बढा के दाने दाने को मोहताज कर सकते हे ,ये चाहे तो अरबो खरबों के घोटाले कर के बाइज़त रह सकते हे ,इनकी इच्छा हो तो ये अलगाव वादियों नक्सलवादियो के समर्थको को योजना आयोग में जगह दे सकते हे |फिर भी इनका दिल ना भरे तो ये अरनाथ यात्रा पर तीन गुना टेक्स और उधर हज पर सबसीडी बढा सकते हे ,फिर दिल करता हो तो भगत सिंह सहदेव राजगुरु आदि क्रांतीकारियों को हत्यारा और आतंकवादी बता सकते हे |भाइयो कब तक पूरा देश इस वर्ण संकर खानदान की गुलामी में पिस्ता रहेगा ?
आग लगा दो सालो के |अब भी समय हे जागने का ,बाबा रामदेव की पुकार सुनो और उठ खड़े होवो इन मूह पर खून लगे नर मादा भेडियो के खिलाफ खूब नोच लिया इस रास्ट्र को इन्होने |!!!!!!!!!!
आग लगा दो सालो के |अब भी समय हे जागने का ,बाबा रामदेव की पुकार सुनो और उठ खड़े होवो इन मूह पर खून लगे नर मादा भेडियो के खिलाफ खूब नोच लिया इस रास्ट्र को इन्होने |!!!!!!!!!!
Saturday, April 23, 2011
धर्मनिरपेक्षता एक गाली और रंडी की ओलाद वाली बदनामी !!!!!!
ब्लॉग जगत के वरिष्ठ लेखक श्री बी.एन शर्मा का एक बहुत ही असरकारी वाक्य हे की धर्मनिरपेक्ष होना उसी प्रकार हे जिस प्रकार """या तो अपने बाप का पता नहीं या सभी को ही अपना बाप मानता हो ?""|अंग्रजो की मेकाले शिक्षा पद्दति के प्रभाव से ये मानसिक मनोरोग उन इंसानी सुवरो को जल्दी चपेट में लेता हे जो तथाकथित आधुनिक वादी प्रगतीशील हे |दुर्भाग्य से भारत भूमी पर ऐसे वर्ण संकरो की संख्या आजादी बाद बहुत तेजी से बढ़ी हे |भारत ने प्राचीन काल से अनेक विकट आक्रमण सहे हे ,काफी विदेशी जातिया यंहा आके बस गयी लेकिन मुस्लिम आक्रान्तावो और अंगरेजी साम्राज्य के बाद यंहा के मूल निवासी अपनी सभ्यता संस्क्रती को ही भूल गए हे |
जेसे की अपने मूल स्वाभाव के अनुसार कांग्रेस (कमीनेपन में किसी को भी नहीं टिकने देती हे) ,ने भी धर्मनिरपेक्षता नामक मानसिक मनोविकरती को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और हिन्दुवी से ही हिंदुवो के खिलाफ बड़ी चतुराई से काम में लिया |आज भी अब भोथरे होते इस हथियार को काम में ले रही हे |आखिर धर्म निरपेक्षता क्या बला हे ?धर्म और राजनीती को अलग कर दिया जाये वो रास्ट्र के लिए अभिशाप बन जाती और पब्लिक के लिए अत्याचार |संविधान की मूल भावना में भी धर्म निरपक्ष शब्द का कोई उल्लेख नहीं हे ,बांटो और राज करो की नीति के तहत राजनितिक कमीनो ने इस वायरस को पैदा किया ,भाररतीय विविध्तावो ,विभीन्न जातियों धर्मो के कारण ये कूधारना बहुत तेजी के साथ फेली क्योकि कांग्रेस पैदा ही हुयी एक अंग्रेज के स्पर्म से |
धर्म निरपेक्षता जेसे कूधारणा पहले कभी नहीं थी आजादी अलसभोर में वर्णसंकरो ने वोट बैंक के लिए इसका तेजी से किया प्रचार किया और केवल और केवल हिदुवो के खिलाफ |रास्ट्रपिता कहलाने वाले अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी ने भी धर्म निरपेक्षता के बहाने आजादी के समय लाखो हिंदुवो का कत्ले आम करवाया और ये धर्म निरपेक्षता केवल हिंदुवो पर ही लागु हुई |संसार में केवल अपने जेसा एक ही रास्ट्र होने के बावजूद हिदुवो एक हिन्दूरास्ट्र से वंचित कर दिया गया |गंगा जमना संस्क्रती जेसा रबड़ का बोबा दे कर हिंदुवो को बहका दिया गया और जो सच्चे रास्ट्रवादी थे उन्हें अंग्रेजो से मिल कर परे कर दिया गया और खत्म करवा दिया गया |भारत भूमी पर तीन चोथाई हिन्दू होने के बावजूद उन्हें सांस्क्रतिक विरासत से दूर कर दिया |यानि जो रक्त संक्रमित थे सत्ता की बागडोर उन्ही की हाथो में चली गयी |
आज ये सत्भेले रक्त संक्रमित ही धर्म निरपेक्षता और गनगा जमुना संस्क्रती की दुहाई देते हे ,यंहा वंहा सेकुलरिज्म की चंग पीटते रहते हे ,एक बात तो पक्की हे जो भी सेकुलर्ता का बाजा बजता रह्ता हे तो पक्का समझिये की उसके खून के अंश में कंही ना कंही मलीछो के रक्त की मिलावट हे क्योकि अपनी रास्ट्र संस्क्रती को वो ही भूल सकता हे जो विदेशी रक्त की संतान हो क्यों की खून हमेशा बोलता हे |भारत रास्ट्र में एसे वर्ण संकरो की बहुत ज्यादा भरमार हे क्यों की वेदिशी आकरंतावो ने सबसे ज्यादा भारत को ही रोंदा हे ,वो तो मर गए लेकिन संक्रमित गंदगी के कीटाणु यंही छोड़ गए |आज भारत में सेकुल्लर गंडको की बाढ़ सी आ गयी हे अपने को ज्यादा सेकुलर दिखाने के चक्कर में ये बाप को बाप कहना भूल जाते हे उल्टा उसे पहचानने से इनकार कर देते हे ,सेकुलर लोग अगले पक्ष को ही अपना बाप मान के चलते हे |सेकुलर होना कायर होने की निशानी हे क्योकि इनमे अक्सर साहस की कमी होती हे ,सेकुलर लोग अवसरवादी होते हे मोका पड़ने पर ये ये अपनी बहिन बेटियों को कोठे पर बिठाने से नहीं चूकते हे अपने फायदे के लिए यंहा तक की अपनी माँ को भी बेच सकते हे |सेकुलर लोगो का एक मात्र उदेश्य अपना फायदा होता हे क्योकि इनमे जमीर नाम की कोई चीज ही नहीं होती हे |सेकुलर श्वानो में नेतिकता नाम कोई भावना नहीं होती हे ये लोग इश्वर को कभी साक्षी नहीं मानते हे |केवल हिन्दू सेकुलर लोग अधार्मिक होते क्योकि धर्म इनके लिए एक गाली के समान हे इनके सामने हिन्दू धर्म की बड़ाई कर दे तो ये लंगड़ी घोड़ी की तरह बिदक उठते हे बाकी धर्म इन्हें मानवतावादी लगते |नकली सेकुलरता का कीटाणु हिंदुस्तान में ज्यादा पाया जाता हे क्योकि हजारो सालो से वर्ण संकरता की प्रयोग भूमी रही हे |हिन्दू सेकुलर लोग अन्य धर्मो के लिए तो घोडी बने रहते हे लेकिन हिन्दू धर्म का नाम लेते ही इनकी भाभी विधवा हो जाती हे |सेकुलर लोग अरास्ट्र वादी और देशद्रोही होते हे क्योकि रास्ट्रीय भावना रखना एक धर्म होता हे और धर्म इनके लिए कूनेन की गोली हे |
सेकुलरता और सत्ता का गठजोड़े होते ही इन में एक विशेष प्रकार का कमीनापन आ जाता हे जो आप वर्तमान में देख ही रहे हे |सेकुलरता केवल हिंदुवो के लिए ही हे क्योकि हिन्दू गाय हे सेकुलरता का सांड हिंदुवो पर चढ़ाना आसान होता हे |हिंदुस्तान में बाकी सभी धर्मो के लिए ये एक शब्द मात्र हे |देश को बाँटने में हिन्दू सेकुलरो का ही हाथ हे ,इन सेकुलरो की गंगा जमना तहजीब की दुहाई अब और देश के टुकड़े करने में आमदा हे |
सेकुलर लोग इस देश को तबाह करने पर उतारू हे ,लेकिन इनका ये इरादा कभी पूरा नहीं होगा क्यों की अब जनता जाग रही हे |आज सेकुलर कंही ने कंही शर्मिदगी महसूस करता हे ,की में क्या हूँ ,उसे एसे महसूस होता हे की कंवारी के जन्म लेने पर उसे कपडे में लपेट के छोड़ दिया गया ,सेकुलर दुसरो के सामने तो बड़ी नक्टाई करता हे लेकिन अंदर ही अंदर अजीब सी बेचेनी में घुटता रह्ता हे |
दोस्तों जितनी भी जाग्रति आयी हे और आ रही इसे जारी रखना हे सेकुलर लोगो ,रास्ट्र द्रोहियों ,समाज कंटको की के इरादों को अब और घ्याबिन नहीं होने देना हे इनकी नसबंदी यु ही जारी रखनी हे जब जेसे मोका लगे इनकी गोलिया फोडनी हे |मंजिल थोड़ी कठीन हे लेकिन इंटरनेट संचार माध्यम ने एक हिस्से को अवश्य जाग्रत किया हे इसी जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचाना हे |
वन्देमातरम
जेसे की अपने मूल स्वाभाव के अनुसार कांग्रेस (कमीनेपन में किसी को भी नहीं टिकने देती हे) ,ने भी धर्मनिरपेक्षता नामक मानसिक मनोविकरती को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और हिन्दुवी से ही हिंदुवो के खिलाफ बड़ी चतुराई से काम में लिया |आज भी अब भोथरे होते इस हथियार को काम में ले रही हे |आखिर धर्म निरपेक्षता क्या बला हे ?धर्म और राजनीती को अलग कर दिया जाये वो रास्ट्र के लिए अभिशाप बन जाती और पब्लिक के लिए अत्याचार |संविधान की मूल भावना में भी धर्म निरपक्ष शब्द का कोई उल्लेख नहीं हे ,बांटो और राज करो की नीति के तहत राजनितिक कमीनो ने इस वायरस को पैदा किया ,भाररतीय विविध्तावो ,विभीन्न जातियों धर्मो के कारण ये कूधारना बहुत तेजी के साथ फेली क्योकि कांग्रेस पैदा ही हुयी एक अंग्रेज के स्पर्म से |
धर्म निरपेक्षता जेसे कूधारणा पहले कभी नहीं थी आजादी अलसभोर में वर्णसंकरो ने वोट बैंक के लिए इसका तेजी से किया प्रचार किया और केवल और केवल हिदुवो के खिलाफ |रास्ट्रपिता कहलाने वाले अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी ने भी धर्म निरपेक्षता के बहाने आजादी के समय लाखो हिंदुवो का कत्ले आम करवाया और ये धर्म निरपेक्षता केवल हिंदुवो पर ही लागु हुई |संसार में केवल अपने जेसा एक ही रास्ट्र होने के बावजूद हिदुवो एक हिन्दूरास्ट्र से वंचित कर दिया गया |गंगा जमना संस्क्रती जेसा रबड़ का बोबा दे कर हिंदुवो को बहका दिया गया और जो सच्चे रास्ट्रवादी थे उन्हें अंग्रेजो से मिल कर परे कर दिया गया और खत्म करवा दिया गया |भारत भूमी पर तीन चोथाई हिन्दू होने के बावजूद उन्हें सांस्क्रतिक विरासत से दूर कर दिया |यानि जो रक्त संक्रमित थे सत्ता की बागडोर उन्ही की हाथो में चली गयी |
आज ये सत्भेले रक्त संक्रमित ही धर्म निरपेक्षता और गनगा जमुना संस्क्रती की दुहाई देते हे ,यंहा वंहा सेकुलरिज्म की चंग पीटते रहते हे ,एक बात तो पक्की हे जो भी सेकुलर्ता का बाजा बजता रह्ता हे तो पक्का समझिये की उसके खून के अंश में कंही ना कंही मलीछो के रक्त की मिलावट हे क्योकि अपनी रास्ट्र संस्क्रती को वो ही भूल सकता हे जो विदेशी रक्त की संतान हो क्यों की खून हमेशा बोलता हे |भारत रास्ट्र में एसे वर्ण संकरो की बहुत ज्यादा भरमार हे क्यों की वेदिशी आकरंतावो ने सबसे ज्यादा भारत को ही रोंदा हे ,वो तो मर गए लेकिन संक्रमित गंदगी के कीटाणु यंही छोड़ गए |आज भारत में सेकुल्लर गंडको की बाढ़ सी आ गयी हे अपने को ज्यादा सेकुलर दिखाने के चक्कर में ये बाप को बाप कहना भूल जाते हे उल्टा उसे पहचानने से इनकार कर देते हे ,सेकुलर लोग अगले पक्ष को ही अपना बाप मान के चलते हे |सेकुलर होना कायर होने की निशानी हे क्योकि इनमे अक्सर साहस की कमी होती हे ,सेकुलर लोग अवसरवादी होते हे मोका पड़ने पर ये ये अपनी बहिन बेटियों को कोठे पर बिठाने से नहीं चूकते हे अपने फायदे के लिए यंहा तक की अपनी माँ को भी बेच सकते हे |सेकुलर लोगो का एक मात्र उदेश्य अपना फायदा होता हे क्योकि इनमे जमीर नाम की कोई चीज ही नहीं होती हे |सेकुलर श्वानो में नेतिकता नाम कोई भावना नहीं होती हे ये लोग इश्वर को कभी साक्षी नहीं मानते हे |केवल हिन्दू सेकुलर लोग अधार्मिक होते क्योकि धर्म इनके लिए एक गाली के समान हे इनके सामने हिन्दू धर्म की बड़ाई कर दे तो ये लंगड़ी घोड़ी की तरह बिदक उठते हे बाकी धर्म इन्हें मानवतावादी लगते |नकली सेकुलरता का कीटाणु हिंदुस्तान में ज्यादा पाया जाता हे क्योकि हजारो सालो से वर्ण संकरता की प्रयोग भूमी रही हे |हिन्दू सेकुलर लोग अन्य धर्मो के लिए तो घोडी बने रहते हे लेकिन हिन्दू धर्म का नाम लेते ही इनकी भाभी विधवा हो जाती हे |सेकुलर लोग अरास्ट्र वादी और देशद्रोही होते हे क्योकि रास्ट्रीय भावना रखना एक धर्म होता हे और धर्म इनके लिए कूनेन की गोली हे |
सेकुलरता और सत्ता का गठजोड़े होते ही इन में एक विशेष प्रकार का कमीनापन आ जाता हे जो आप वर्तमान में देख ही रहे हे |सेकुलरता केवल हिंदुवो के लिए ही हे क्योकि हिन्दू गाय हे सेकुलरता का सांड हिंदुवो पर चढ़ाना आसान होता हे |हिंदुस्तान में बाकी सभी धर्मो के लिए ये एक शब्द मात्र हे |देश को बाँटने में हिन्दू सेकुलरो का ही हाथ हे ,इन सेकुलरो की गंगा जमना तहजीब की दुहाई अब और देश के टुकड़े करने में आमदा हे |
सेकुलर लोग इस देश को तबाह करने पर उतारू हे ,लेकिन इनका ये इरादा कभी पूरा नहीं होगा क्यों की अब जनता जाग रही हे |आज सेकुलर कंही ने कंही शर्मिदगी महसूस करता हे ,की में क्या हूँ ,उसे एसे महसूस होता हे की कंवारी के जन्म लेने पर उसे कपडे में लपेट के छोड़ दिया गया ,सेकुलर दुसरो के सामने तो बड़ी नक्टाई करता हे लेकिन अंदर ही अंदर अजीब सी बेचेनी में घुटता रह्ता हे |
दोस्तों जितनी भी जाग्रति आयी हे और आ रही इसे जारी रखना हे सेकुलर लोगो ,रास्ट्र द्रोहियों ,समाज कंटको की के इरादों को अब और घ्याबिन नहीं होने देना हे इनकी नसबंदी यु ही जारी रखनी हे जब जेसे मोका लगे इनकी गोलिया फोडनी हे |मंजिल थोड़ी कठीन हे लेकिन इंटरनेट संचार माध्यम ने एक हिस्से को अवश्य जाग्रत किया हे इसी जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचाना हे |
वन्देमातरम
Friday, April 22, 2011
फिर भोखे नरेंद्र मोदी पर
जिस प्रकार मीडिया में और इन्टरनेट पर यु.पि .ऐ सरकार और भ्रस्ट नेतावो के भ्रसटाचार का भूत पीछे पड़ा हे किसी भी प्रकार से राहत नहीं मिल पा रही हे ,तो ये शिफूगा तो छेड़ना ही था |इस भ्रसटाचार के मुद्दे पे यु.पि ऐ सुप्रीमो सोनिया गाँधी को भी लपेटा जा रहा हे हालाँकि भ्रस्ट और बिकाऊ प्रिंट मीडिया और विजुअल मीडिया की तो इसी ओखात नहीं हे और लोगो को विश्वास भी नहीं लेकिन सोसिअल नेटवर्क साइटों और ब्लोगों पे इनके किस्से खूब उछल रहे हे ,इसे से सरकार असहज हे और बुखार में गर्म मूत कर रही हे |में कोई भो मुद्दा इस भ्रस्ट कांग्रेस और सरकार के खिलाफ उठता दिखे तदाक नरेंद्र मोदी का कोई भो मुद्दा उठा तो अब विजुअल मीडिया को तो नरेन्द्र मोदी के नाम से हिस्टीरिया का दोरा पद जाता हे |मीडिया को संचालित ही जेहादी और कूरेसेड़ ताकते कर रही हे |ये आई.पि.*** भट्ट इतने दिन कंहा खाज खुजा रहा था की ,पिछले आठ सालो से केंद्र में भी इ***े ताई जी की सरकार हे ,और ये भी अधिकारी सेंटर का हे .फिर अचानक इ***ा जमीर आज ही केसे जाग उठा ,दिल में अचानक ही क्यों मानवता हिलोरे लेने लगी ?क्या ताई जी इनाम मिलने वाला हे ?दोस्तों भ्रस्ट ,घाघ , *** कुटिल सोनिया गाँधी जेसी ओरत कुछ भी कर ***ती हे |हम सभी मिल केर अपने ९स अभियान को यूँ ही जारी रखेंगे | वन्देमातरम
Sunday, April 17, 2011
अन्ना हजारे आप कामयाब होंगे |
कुत्तो और सियारों का भोंकना जारी हे ?जब तब आसमान की और मूह करके अपनी नस्ल का परिचय दे रहे हे |और जब कुत्ते पागल हो जाते हे तो और ज्यादा खतरनाक हो जाते हे |जब से बाबा रामदेव ,अन्ना हजारे और अन्य सामाजिक संघटनों ने सदी की महाभ्रस्ट कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपनी लांग खोली तो बेशर्म और बेगरत सरकार और कांग्रेस के पाले हुवे गंडक इनके खिलाफ छोड़ दिए गए हें |ये बेशर्मी की प्रकाष्ठा हे |""नकटा बूंचा सबसे ऊँचा ""वाली कहावत पर चल रही कांग्रेस और यु.पी। ए । सरकार सत्ता की दलाली में इतनी अंधी हो चुकी हे की समाज सेवी और तबियत से फकीर अन्ना हजारे जेसे व्यक्ती से संपती का हिसाब का ब्यौरा मांग रही हे |गोरी महारानी के इशारे पे दिग्ग्गी जेसे ओरंग जेबी नस्ल के श्वान और कपिल सिब्ब्बल जेसे हाय प्रोफाइल डकेत एक साथ भोंक रहे हे |
जिस तरह अन्ना की खुली लांग देख घबराई भ्रस्ट सरकार तीन दिन में अन्ना के सामने दंडवत हो गयी थी उसी तरह चोरो की जमात के सरगनावो और उनके रखवाले शवानो को आगे कर इस आन्दोलन को ठंडा पटकने और बाँटने में रात दिन एक किये हुवे हे जिसमे ये सालो से माहिर हे |भ्रस्ट और क्रय किये हुवे मीडिया का एक तबका भी इसकी साथ दे कर खरीदार मालिको का अहसान चूका रहा हे लेकिन वो भूल चूका हे की सांप बोम्बी में घुस चूका हे और अन्ना जनमानस में |लोग दिखाऊ मांगे मान के सरकार अपने no बढवाने के चक्कर में गलत आदमी के साथ फंस गयी हे की बाद में मेंनेज कर लेंगे ?
इसी मैनजमेंट के तहत जन सिमिति के सद्श्यो पर कीचड उछाला जा रहा हे ?बायड आने पर भोंकने वाले कुतो की तरह हमेशा की तरह दिग्गी को आगे कर दिया गया हे जो हमेशा मूह आसमान की तरफ उठाये रह्ता हे |लेकिन ज्कन्हा तक उम्मीद हे अन्ना हजारे और अन्य सद्श्य इन कुत्तो के साथ साथ इस सरकार का भी बंध्य करने में सफल होंगे |हमारी शुभ कामनाये इनके साथ हे |
वन्देमातरम
जिस तरह अन्ना की खुली लांग देख घबराई भ्रस्ट सरकार तीन दिन में अन्ना के सामने दंडवत हो गयी थी उसी तरह चोरो की जमात के सरगनावो और उनके रखवाले शवानो को आगे कर इस आन्दोलन को ठंडा पटकने और बाँटने में रात दिन एक किये हुवे हे जिसमे ये सालो से माहिर हे |भ्रस्ट और क्रय किये हुवे मीडिया का एक तबका भी इसकी साथ दे कर खरीदार मालिको का अहसान चूका रहा हे लेकिन वो भूल चूका हे की सांप बोम्बी में घुस चूका हे और अन्ना जनमानस में |लोग दिखाऊ मांगे मान के सरकार अपने no बढवाने के चक्कर में गलत आदमी के साथ फंस गयी हे की बाद में मेंनेज कर लेंगे ?
इसी मैनजमेंट के तहत जन सिमिति के सद्श्यो पर कीचड उछाला जा रहा हे ?बायड आने पर भोंकने वाले कुतो की तरह हमेशा की तरह दिग्गी को आगे कर दिया गया हे जो हमेशा मूह आसमान की तरफ उठाये रह्ता हे |लेकिन ज्कन्हा तक उम्मीद हे अन्ना हजारे और अन्य सद्श्य इन कुत्तो के साथ साथ इस सरकार का भी बंध्य करने में सफल होंगे |हमारी शुभ कामनाये इनके साथ हे |
वन्देमातरम
Friday, January 21, 2011
घोर अन्धकार में उजाले की एक किरण नमो भाई नरेन्द्र मोदी
वर्तमान के राजनितिक घोर अन्धकार , रास्ट्र रास्ट्रवासियों पे छाये घोर संकट में आने वाला समय अत्यंत भयावह दिख रहा हे |वर्तमान हर भारतीयों के जीवन के हर क्षेत्र में घुस चुके संक्रमण काल में वाह दिशा सुल सा हो चूका हे |मुद्दे गिनाने कि आवश्यकता यंहा नदी के किनारे बेठ के पत्थर फेकने जेसे व्यर्थ होगा |रास्ट्र के भविष्य के बारे कुछ भी समझ नहीं आ रहा हे कि वो क्या होगा ?कहते हे प्रजा का भाग्य राजा के भाग्य स जुड़ा होता हे ,यदि राजा या शासक कि नियत सही हे तो राज्य या रास्ट्र उन्ती पथ पर तेजी आगे बढ़ता हे वंहा कि प्रजा खुशहाल रहती हे |गुजरात और पडोसी देश चाइना चाइना इस के उदाहरण हे |और यदि नियंता ही चरित्र हीन और कूनिती वाले हो तो वंहा त्राहि मान मच जाता हे जेसे वर्तमान शेष भारत और पाकिस्तान इसके ताजा नमूने हे |
भूमिका कफी बंध चुकी हे अब आते हे मुख्य मुद्दे पर आते हे |वर्तमान में सत्ता के शिखर पे शुन्य हे ,कोई नेत्र्तव वाली स्थिति नहीं हे उल्ट परदे के पीछे से साजिशो के सरगना और रास्ट्र भंजक ताकते शक्ति शक्ति शाली रूप से हावी हे | नेत्र्तव विहीन रास्ट्र आगे नहीं बढ़ता हे बल्कि शोषण अन्याय के पीछे घसीटता चलता जाता हे| इसी नेत्र्तव विहीनता की स्थिति में भारतीय नागरिक समाज की कर्तव्य मूढ़ हे ?पोरानींक ज़माने से लेकर आज तक नायको में अपना उदार ढूढने वाले भारतीय जनमानस को आज भी एक राजनेतिक नायक की आवश्यकता हे जो रास्ट्र समाज को विशव में एक मिसाल दे ,जेसे दबे कुचले चीन को सुपर पॉवर बना दिया |वर्तमान राजनीती के केन्द्रीय परिद्रश्य में कोई नेता ऐसा नजर नहीं आता हे |अटल बिहारी वाजपेयी ने पांचसाला मिसाल पेश की थी लेकिन भारतीय जनता की क्षेत्रीय आकांक्षावो ने उसको ध्वस्त का दिया |इन सभी घटाघोप अंधेरो के बीच आशा की किरण भी हे वो हे पूरे रास्ट्र में युवावो के लोकप्रिय विकास और हिन्दुत्व के आइकोन गुजरात के हीरो और मुख्यमंत्री ""श्री नरेंद्र भाई मोदी |
जिस प्रकार इन्होने गुजरात का चहिमूखी विकास कराया हे शांति और स्थिरता दी हे इनकी नेत्र्तव क्षमता पे इनके घोर विपक्षी भी इन पर ऊँगली नहीं उठा सकते हे |जिस प्रकार इन्होने गुजरात को विकास का रोल मॉडल बनाया हे इनकी राजनितिक सुझबुझ का आर्थिक ज्ञान व् विभिन्न विकासौमुखी योजनावो की समझ का परिचय देता हे |राजनितिक ,आर्थिक ,गृह ,डिप्लोमेसी ,तकनिकी ,ओद्योगिक ,शेक्षिक ,कार्षिक ,करीब करीब सभी विषयों की समझ रखने वाले नरेंद्र भाई ने गुजरात को चमन बना दिया |इस रीढ़ विहीन नेता गिरी और परिवार वाद के दोर में नरेंद्र भाई संघ की भट्टी में तप के निकलने वाले खरा सोना हे |अटल बिहारी वाजपेयी की जेसे आजीवन कंवारे रह के रास्ट्र सेवा का प्रण लेने वाले नरेंद्र भाई ही एक मात्र रीढ़ वाले नेता हे जो सोनिय गाँधी को सीधी चुनोती देने का साहस रखते हे |"'स्टील मेन "' के नाम विख्यात नरेंद्र भाई के फेस बुक पे ९०००० फोलोवर हे जिस से इनकी लोकप्रियता का अंदाज लगाया जा सकता हे जबकि तथाकथित अधेड़ युवा ?भोंदू बाबा राहुल गाँधी ४०००० हजार फोलोवर hi हे |
वर्तमान की स्थ्तीयो को देखते हुवे नरेन्द्र मोदी ही अगले प्रधान मंत्री पद के उपयुक्त दावेदार हे ,केन्द्रीय बी .जे .पी भी ये बात गाँठ बांध ले की अगले चुनावो यदि वो मोदी जी को प्रधानमंत्री के लिए अचानक प्रमोट करे तो जनता में मोदी की वो लहर बनेगी की इनके तूफ़ान में बड़े बड़े सुरमा घास के तिनको की तरह बह जायेंगे |गुजरात के २००२ के दंगो के बाद विरोधी ,रास्ट्र विभाजक शक्तिया व् सेकुलर मीडिया भांडो ने जाँच एजेंसियों दुआरा राजनितिक षड्यंत्र के मोदी को घेरने की खूब कोशीश की अंत में इनके उल्टा जूता मूह पे पड़ा |भोंदू बाबा के प्रधान मंत्री के सपने देखती कांग्रेस और सोनिया गाँधी की सबसे बड़ी बाधा भाई नरेन्द्र मोदी ही हे |नरेन्द्र भाई की तुलना में इस भोंदू की ओखात दो कोडी की भी नहीं हे ,लेकिन एक अभियान के तहत जिस तरह भांडो दुआरा मीडिया कैम्पेन चलाया गया , और भावनात्मक वीक भारतीय पब्लिक झांसे में आती गयी लेकिन कहते हे ना की झूंट के पांव नहीं होते हे इसकी कलई बिहार चुनाव में खुल गयी ,उसके बाद में उलूल जुलूल बयानों ने तो इस मिस चीफ को पब्लिक में मानसिक रूप से नंगा कर दिया |कांग्रेस २००५ के बाद मोदी बनाम भोंदू बाबा केम्पेन चलाती आई हे ,लेकिन वो कहते हे ना की घर में ही चाकू पड़ा हो तो रस्सी काटने के लिए बाहर दुकान से ब्लेड मांगने की क्या जरूरत ?बी .जे .पी में भी कई नेता ऐसे हे जो नरेन्द्र भाई को को सेंटर में नहीं देखना चाहते हे लेकिन में उन्हें कहना चाहता हूँ की रास्ट्रवादी पॉवर को सत्ता में देखना चाहते हो तो भाई नरेंद्र मोदी को शीर्ष पे लाना होगा |आम पब्लिक और युवा उनकी भागीदारी सिर्फ गुजरात तक नही चाहते हे वो चाहते हे की "' स्टील मेन"' भारतीय सत्ता को सम्भाले , वो चाहते हे की भ्रसटाचारियो की सम्पती छीन ली जाये और उस से बच्चो और मरीजो को शिक्षा चिकित्सा दी जाये ,उनकी इच्छा हे के खरबों हजारो का पब्लिक मेहनत की कमाई के टेक्स का चोरी किया गया स्विस जेर्मन बेंको जमा कला धन वापस रास्ट्र में आये ,उनका मन हे की उन्हें यु महगाई में बेमतलब ना पीसा जाये और जो मुनाफा लोबिया जो सरकार पे हावी हे उन्हें दण्डित किया जाये ,किसानो की नरेंद्र से भाई से आशा हे की भाई हमें मोसम का गुलाम होने ना दीजिये ,आप अटल बाबा की नदी जोड़ परियोजना को वापस चालू करिए जिस से से हम बाढ़ और सूखे से बच सके ,भारतीय युवावो की भाई से अपेक्षा हे की आप के राज में हमे ऐसा माहोल मिले की हम चाइना और यु .एस.ओ को भारतीय हिंदी सिखा सके |भारतीय सेना और हमारे सुरक्षाबलो को को उम्मीद हे की नरेंद्र भाई जेसे रास्ट्रवादी का शासन आने पर हमारी शहादत को कभी भी जिल्ल्लत नहीं भोगनी पड़ेगी जेसे की संसद हमलो में शहीद, बटाला हाउस एन्कोउन्टर में शहीद ,मुंबई हमलो में शहीद ,नक्सली हमलो में शहीद सुरक्षाक्रमी ,कश्मीर में सुरक्षा बलों का अपमान आदि आदि |आज हर भारतीय चाहता हे की बोफोर्स मामले के दूध का दूध और पानी हो ?आज हम आम भारतीय जनता जनता सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी और के गुप्त विदेशी खातो के बारे में जानना चाहते हे ? भाई आप के अलावा कोई नही निकलवा सकता विवरण |
आज हर भारतीय को उस बेदाग़ छवि वाले और विकास पुरुष नरेन्द्र भाई मोदी के अखिल भारतीय nerartv ki asha he |
वन्दे matrm
भूमिका कफी बंध चुकी हे अब आते हे मुख्य मुद्दे पर आते हे |वर्तमान में सत्ता के शिखर पे शुन्य हे ,कोई नेत्र्तव वाली स्थिति नहीं हे उल्ट परदे के पीछे से साजिशो के सरगना और रास्ट्र भंजक ताकते शक्ति शक्ति शाली रूप से हावी हे | नेत्र्तव विहीन रास्ट्र आगे नहीं बढ़ता हे बल्कि शोषण अन्याय के पीछे घसीटता चलता जाता हे| इसी नेत्र्तव विहीनता की स्थिति में भारतीय नागरिक समाज की कर्तव्य मूढ़ हे ?पोरानींक ज़माने से लेकर आज तक नायको में अपना उदार ढूढने वाले भारतीय जनमानस को आज भी एक राजनेतिक नायक की आवश्यकता हे जो रास्ट्र समाज को विशव में एक मिसाल दे ,जेसे दबे कुचले चीन को सुपर पॉवर बना दिया |वर्तमान राजनीती के केन्द्रीय परिद्रश्य में कोई नेता ऐसा नजर नहीं आता हे |अटल बिहारी वाजपेयी ने पांचसाला मिसाल पेश की थी लेकिन भारतीय जनता की क्षेत्रीय आकांक्षावो ने उसको ध्वस्त का दिया |इन सभी घटाघोप अंधेरो के बीच आशा की किरण भी हे वो हे पूरे रास्ट्र में युवावो के लोकप्रिय विकास और हिन्दुत्व के आइकोन गुजरात के हीरो और मुख्यमंत्री ""श्री नरेंद्र भाई मोदी |
जिस प्रकार इन्होने गुजरात का चहिमूखी विकास कराया हे शांति और स्थिरता दी हे इनकी नेत्र्तव क्षमता पे इनके घोर विपक्षी भी इन पर ऊँगली नहीं उठा सकते हे |जिस प्रकार इन्होने गुजरात को विकास का रोल मॉडल बनाया हे इनकी राजनितिक सुझबुझ का आर्थिक ज्ञान व् विभिन्न विकासौमुखी योजनावो की समझ का परिचय देता हे |राजनितिक ,आर्थिक ,गृह ,डिप्लोमेसी ,तकनिकी ,ओद्योगिक ,शेक्षिक ,कार्षिक ,करीब करीब सभी विषयों की समझ रखने वाले नरेंद्र भाई ने गुजरात को चमन बना दिया |इस रीढ़ विहीन नेता गिरी और परिवार वाद के दोर में नरेंद्र भाई संघ की भट्टी में तप के निकलने वाले खरा सोना हे |अटल बिहारी वाजपेयी की जेसे आजीवन कंवारे रह के रास्ट्र सेवा का प्रण लेने वाले नरेंद्र भाई ही एक मात्र रीढ़ वाले नेता हे जो सोनिय गाँधी को सीधी चुनोती देने का साहस रखते हे |"'स्टील मेन "' के नाम विख्यात नरेंद्र भाई के फेस बुक पे ९०००० फोलोवर हे जिस से इनकी लोकप्रियता का अंदाज लगाया जा सकता हे जबकि तथाकथित अधेड़ युवा ?भोंदू बाबा राहुल गाँधी ४०००० हजार फोलोवर hi हे |
वर्तमान की स्थ्तीयो को देखते हुवे नरेन्द्र मोदी ही अगले प्रधान मंत्री पद के उपयुक्त दावेदार हे ,केन्द्रीय बी .जे .पी भी ये बात गाँठ बांध ले की अगले चुनावो यदि वो मोदी जी को प्रधानमंत्री के लिए अचानक प्रमोट करे तो जनता में मोदी की वो लहर बनेगी की इनके तूफ़ान में बड़े बड़े सुरमा घास के तिनको की तरह बह जायेंगे |गुजरात के २००२ के दंगो के बाद विरोधी ,रास्ट्र विभाजक शक्तिया व् सेकुलर मीडिया भांडो ने जाँच एजेंसियों दुआरा राजनितिक षड्यंत्र के मोदी को घेरने की खूब कोशीश की अंत में इनके उल्टा जूता मूह पे पड़ा |भोंदू बाबा के प्रधान मंत्री के सपने देखती कांग्रेस और सोनिया गाँधी की सबसे बड़ी बाधा भाई नरेन्द्र मोदी ही हे |नरेन्द्र भाई की तुलना में इस भोंदू की ओखात दो कोडी की भी नहीं हे ,लेकिन एक अभियान के तहत जिस तरह भांडो दुआरा मीडिया कैम्पेन चलाया गया , और भावनात्मक वीक भारतीय पब्लिक झांसे में आती गयी लेकिन कहते हे ना की झूंट के पांव नहीं होते हे इसकी कलई बिहार चुनाव में खुल गयी ,उसके बाद में उलूल जुलूल बयानों ने तो इस मिस चीफ को पब्लिक में मानसिक रूप से नंगा कर दिया |कांग्रेस २००५ के बाद मोदी बनाम भोंदू बाबा केम्पेन चलाती आई हे ,लेकिन वो कहते हे ना की घर में ही चाकू पड़ा हो तो रस्सी काटने के लिए बाहर दुकान से ब्लेड मांगने की क्या जरूरत ?बी .जे .पी में भी कई नेता ऐसे हे जो नरेन्द्र भाई को को सेंटर में नहीं देखना चाहते हे लेकिन में उन्हें कहना चाहता हूँ की रास्ट्रवादी पॉवर को सत्ता में देखना चाहते हो तो भाई नरेंद्र मोदी को शीर्ष पे लाना होगा |आम पब्लिक और युवा उनकी भागीदारी सिर्फ गुजरात तक नही चाहते हे वो चाहते हे की "' स्टील मेन"' भारतीय सत्ता को सम्भाले , वो चाहते हे की भ्रसटाचारियो की सम्पती छीन ली जाये और उस से बच्चो और मरीजो को शिक्षा चिकित्सा दी जाये ,उनकी इच्छा हे के खरबों हजारो का पब्लिक मेहनत की कमाई के टेक्स का चोरी किया गया स्विस जेर्मन बेंको जमा कला धन वापस रास्ट्र में आये ,उनका मन हे की उन्हें यु महगाई में बेमतलब ना पीसा जाये और जो मुनाफा लोबिया जो सरकार पे हावी हे उन्हें दण्डित किया जाये ,किसानो की नरेंद्र से भाई से आशा हे की भाई हमें मोसम का गुलाम होने ना दीजिये ,आप अटल बाबा की नदी जोड़ परियोजना को वापस चालू करिए जिस से से हम बाढ़ और सूखे से बच सके ,भारतीय युवावो की भाई से अपेक्षा हे की आप के राज में हमे ऐसा माहोल मिले की हम चाइना और यु .एस.ओ को भारतीय हिंदी सिखा सके |भारतीय सेना और हमारे सुरक्षाबलो को को उम्मीद हे की नरेंद्र भाई जेसे रास्ट्रवादी का शासन आने पर हमारी शहादत को कभी भी जिल्ल्लत नहीं भोगनी पड़ेगी जेसे की संसद हमलो में शहीद, बटाला हाउस एन्कोउन्टर में शहीद ,मुंबई हमलो में शहीद ,नक्सली हमलो में शहीद सुरक्षाक्रमी ,कश्मीर में सुरक्षा बलों का अपमान आदि आदि |आज हर भारतीय चाहता हे की बोफोर्स मामले के दूध का दूध और पानी हो ?आज हम आम भारतीय जनता जनता सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी और के गुप्त विदेशी खातो के बारे में जानना चाहते हे ? भाई आप के अलावा कोई नही निकलवा सकता विवरण |
आज हर भारतीय को उस बेदाग़ छवि वाले और विकास पुरुष नरेन्द्र भाई मोदी के अखिल भारतीय nerartv ki asha he |
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